जिस पार्टी का कोई टिकट लेने को तैयार नहीं होता था , उसमे इतनी भीड़ देखकर अच्छा लगा – एके पटेल

| Updated: April 29, 2022 8:17 pm

अमृतलाल पटेल ने कहा कि भाजपा आज खड़िया गोलवड स्थित वसंत स्मृति के दो कमरों के कार्यालय से भव्य भवन में पहुंची है, जो खुशी की बात है. उस वक्त बैठक में दो-चार लोग ही मौजूद थे। आज हम हजारों कार्यकर्ता देखते हैं, जो खुश भी हैं, भाजपा उस समय अन्याय के खिलाफ लड़ रही थी, आज वह न्याय के लिए लड़ रही है।

भाजपा के भव्य प्रदेश मुख्यालय में सुबह 10 बजे व्हीलचेयर से सहायक के सहारे एक वृद्ध धीरे धीरे आगे बढ़ता है , तब ज्यादा सांसद विधायक भी नहीं पहुंचे होते , उनकी ओर पूर्व गृह मंत्री और भाजपा संगठन के महामंत्री गोवर्धन झड़फिया बढ़ते है , उन्हें हाल में ले जाते है , तब तक कुछ दूसरे पूर्व सांसद ,मंत्री उनसे मिलते है , बाहर से अचानक ढोल बजने की आवाज आने लगती है , अंदर मौजूद सुरक्षा कर्मी सतर्क हो जाते है , यह संकेत होता है भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गुजरात प्रदेश प्रमुख सी आर पाटिल के आने का। उनका गेट पर ही समर्थक और कार्यकर्त्ता जोरदार स्वागत करते हैं , फिर
तीनो नेता और केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडविया ,पुरुसोत्तम रुपाला अलग कमरे में चले जाते हैं , एक सुरक्षा कर्मी व्हील चेयर के पास आता है ,और व्हीलचेयर उस कमरे की तरफ बढ़ जाती है। 15 मिनट से अधिक समय तक वह अंदर रहते है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बात करते हैं , ज्यादातर लोगो के लिए अचरज होता है ये कौन है। बाद में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बैठक वाइब्स आफ इंडिया ने उनसे बात की। बेशक वह डॉ एके पटेल थे।

अमृतलाल पटेल ने कहा कि भाजपा आज खड़िया गोलवड स्थित वसंत स्मृति के दो कमरों के कार्यालय से भव्य भवन में पहुंची है, जो खुशी की बात है. उस वक्त बैठक में दो-चार लोग ही मौजूद थे। आज हम हजारों कार्यकर्ता देखते हैं, जो खुश भी हैं, भाजपा उस समय अन्याय के खिलाफ लड़ रही थी, आज वह न्याय के लिए लड़ रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. ए.के. पटेल पहली बार कमलम में आये थे। उन्होंने कहा कि अगर कार्यकर्ता वफादारी की उम्मीद के बिना काम किया तो पार्टी सब कुछ देगी। नरेंद्र मोदी को विश्व नेता का खिताब देते हुए ए.के. पटेल कहा कि वे लगातार भाजपा के वैचारिक क्षेत्र और देश की सेवा के लिए काम कर रहे हैं. वे बधाई के पात्र हैं।

भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ देकर उन्होंने कहा आज हजारों लोग आते हैं जहां कोई इकट्ठा नहीं होता था। कोई भी भाजपा का टिकट लेने को तैयार नहीं था, जहां आज टिकट लेने की होड़ है। आज हमें खुशी है कि हमारे प्रधानमंत्री दुनिया के नेता बन गए हैं। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए पटेल है , यदि कोई अधिकारी उनकी बात नहीं सुनता था , वो वह उसे ” अपनी ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार ‘ से ठीक करते थे ,यह उनके विरोध का तरीका होता था ,सुधर जाओ नहीं तो हमारी भी सरकार आएगी। और वह सच आज तक कायम है।

डॉ अमृतलाल पटेल ने कैसे फैलायी भाजपा की जड़े

भाजपा के गठन के बाद पहली बार 1984 में लोकसभा चुनाव लड़ा था । पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद यह पहला संसदीय चुनाव था। पूरे देश में कांग्रेस समर्थक सहानुभूति की लहर थी और यह चुनाव परिणामों में परिलक्षित हुआ। बीजेपी ने सभी 543 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसके दो उम्मीदवारों को ही जीत मिली थी. इन दोनों में गुजरात की मेहसाणा सीट से जीते डॉ. ए. के पटेल और चंदूपतला जंग रेड्डी, जो आंध्र प्रदेश की तत्कालीन हनमकोंडा सीट से जीते थे। फिर 1998-1999 की वाजपेयी सरकार में ए.के. पटेल रसायन और उर्वरक मंत्री बने।

अमृतलाल कालिदास पटेल (जन्म 1 जुलाई 1931) भारत सरकार में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रहे । उन्होंने 1998 से 1999 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया । वह गुजरात भारतीय जनता पार्टी के उन्होंने 1984 से 1999 तक लोकसभा में मेहसाणा निर्वाचन क्षेत्र का 5 बार प्रतिनिधित्व किया। अटल -आडवाणी जोशी के दौर में गुजरात भाजपा का मतलब ही एके पटेल था ,अमृतलाल पटेल ने जो कड़वा पाटीदार समाज में भाजपा की जडे मजबूत की थी , उसके आज भी कमल खिल रहा है। कड़वा पाटीदार समाज आज भी बहुतायत में भाजपा समर्थक है।

एके पटेल का जन्म 1 जुलाई 1931 को वाडु (अब मेहसाणा जिले , गुजरात ) में हुआ था। उनकी सामाजिक जड़ें और परिवार बेतालिस कड़वा पटेल समाज, कलोल , गुजरात के गांधीनगर जिले से हैं।

उन्होंने अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा किया । उन्होंने कई वर्षों तक विजापुर में चिकित्सा का अभ्यास किया। पेशे से एक डॉक्टर, पटेल ने राजनीति में प्रवेश किया। वे दो कार्यकाल के लिए गुजरात विधान सभा में 1975 से 1984 तक विजापुर सीट से विधायक के रूप में चुने गए । [2] 1975 में उन्हें एक निर्दलीय के रूप में चुना गया था। वे 1980 में भाजपा की स्थापना के समय में शामिल हो गए।

पटेल ने विजापुर जिला-मेहसाणा के आसपास के विभिन्न संगठनों को नेतृत्व प्रदान किया। वह 1960 में रामचंद्र अमीन, छगन भा पटेल, गंगाराम रावल और मोतीभाई चौधरी के साथ उत्तर-पूर्व गुजरात उच्च केलवानी मंडल (स्थानीय क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने वाला समाज) के प्रबंधन के तहत पिलवई कॉलेज शुरू करने वाले अग्रदूतों में से एक थे।

वह एसआरएसटी जनरल अस्पताल, विजापुर के प्रबंध न्यासी के रूप में सेवा करते हैं; आशा एजुकेशन ट्रस्ट; गर्ल्स कॉलेज, विजापुर; और ट्रस्टी, सेंट जोसेफ पब्लिक स्कूल, विजापुर शामिल हैं।

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