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सूरत: उधना स्टेशन पर घर जाने वालों की भारी भीड़, हालात काबू करने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज

| Updated: April 20, 2026 13:44

सूरत के उधना स्टेशन पर यूपी-बिहार जाने वाले प्रवासियों का उमड़ा जनसैलाब, हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने भांजी लाठियां; रेलवे ने दी यह अहम जानकारी।

गुजरात के सूरत स्थित उधना रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह यात्रियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत और कपड़ा तथा हीरा उद्योगों में कामकाज धीमा होने के कारण हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर लौटने के लिए स्टेशन पर जमा हो गए थे।

बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे अपने गृह राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों में चढ़ने की होड़ में हालात उस वक्त बेकाबू हो गए, जब यात्रियों ने बैरिकेड्स और लाइनें तोड़ दीं। स्थिति को संभालने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

पश्चिम रेलवे ने भगदड़ की खबरों का किया खंडन

इस पूरी घटना के बाद पश्चिम रेलवे ने स्टेशन पर भगदड़ मचने की किसी भी रिपोर्ट से साफ इनकार किया है। रेलवे द्वारा जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि स्पेशल ट्रेनों के संचालन के दौरान कुछ उपद्रवी लड़कों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की थी, जिससे थोड़ी देर के लिए अशांति फैली।

बयान के अनुसार, स्टेशन पर मौजूद रेलवे स्टाफ और पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत हालात पर काबू पा लिया। इसके चलते ट्रेनों के संचालन में किसी भी प्रकार की कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह उधना में कम से कम छह ट्रेनों का ठहराव निर्धारित था। पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन पकड़ने के लिए शनिवार रात से ही 22,000 से अधिक लोगों ने स्टेशन परिसर में डेरा डाला हुआ था, जिससे प्लेटफॉर्म और पैसेंजर होल्डिंग एरिया पूरी तरह भर गए थे।

दोपहर से जुटने लगी थी भीड़, अतिरिक्त फोर्स बुलानी पड़ी

स्टेशन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शनिवार दोपहर से ही उधना रेलवे स्टेशन पर अप्रत्याशित भीड़ आनी शुरू हो गई थी। रविवार सुबह लगभग 11:35 बजे जब हसनपुर जाने वाली ट्रेन के प्रस्थान का समय हुआ, तो स्थिति अधिक बिगड़ गई।

ट्रेन छूटने के डर से भीड़ बेकाबू हो गई और यात्रियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर उन्हें तोड़ना शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों की तमाम कोशिशों के बावजूद जब हालात नहीं सुधरे, तो सूरत सिटी पुलिस से अतिरिक्त जवानों को बुलाकर भारी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया गया, जिसके बाद मुंबई से उत्तर प्रदेश जाने वाली दो लंबी दूरी की ट्रेनों को उधना स्टेशन पर विशेष रूप से रोका गया।

अधिकारी के अनुसार, दोपहर 1:00 बजे बांद्रा-गोरखपुर ट्रेन उधना पहुंची, जिसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार हुए। इसके बाद शाम 4:05 बजे वलसाड-मऊ ट्रेन को भी यहां रोका गया। कुछ यात्री अभी भी पैसेंजर होल्डिंग एरिया में इंतजार कर रहे हैं, जो सोमवार सुबह तक ट्रेनों में सवार हो सकेंगे।

ट्रेनों की आवाजाही और समय-सारणी

रविवार को उधना स्टेशन से कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर रवाना हुईं। इनमें ब्रह्मपुर (ओडिशा) के लिए रात 1:10 बजे, जयनगर (बिहार) के लिए रात 1:30 बजे और मधुबनी (बिहार) के लिए सुबह 5:30 बजे ट्रेन रवाना हुई। इसके अलावा, जयनगर के लिए सुबह 8:35 बजे, ठाणे के लिए सुबह 10:20 बजे और हसनपुर के लिए सुबह 11:35 बजे भी ट्रेनों ने स्टेशन से प्रस्थान किया।

पश्चिम रेलवे के पुलिस अधीक्षक अभय सोनी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि उधना रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन के रुकने पर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी, जिसे पुलिस बल ने संभाल लिया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि आने वाले सप्ताहांत में स्टेशन पर सुरक्षाकर्मियों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

उद्योगों में मंदी और घर वापसी का सिलसिला

उधना रेलवे स्टेशन पर उमड़ रही इस भीड़ का एक प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को भी माना जा रहा है। इसके कारण पैदा हुई एलपीजी की कमी से मार्च के मध्य से ही सूरत के कपड़ा और हीरा उद्योगों के मजदूर बड़ी संख्या में अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।

उत्पादन लागत में वृद्धि और बाजार में मांग गिरने की आशंका के चलते सूरत की कई कपड़ा इकाइयों ने काम के घंटे भी कम कर दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि अब चूंकि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां भी शुरू हो गई हैं, इसलिए घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या में और इजाफा हुआ है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए गुजरात पुलिस के साथ-साथ रेलवे के 300 से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

अभय सोनी ने बताया कि शनिवार को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दो पुलिस उपाधीक्षक, चार पुलिस निरीक्षक और जीआरपी के 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके समानांतर, उधना स्टेशन पर आरपीएफ के भी लगभग 150 जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं।

पश्चिम रेलवे ने अपने बयान में पुष्टि की है कि रविवार को उधना रेलवे स्टेशन से 23,000 से अधिक यात्रियों को सफलतापूर्वक उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। रेलवे ने यह भी जानकारी दी कि रविवार रात को दो और ट्रेनों के प्रस्थान का कार्यक्रम तय किया गया है। साथ ही, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी असत्यापित या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें।

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