लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव ने भारत में उनकी सर्विस पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों के इस फैसले के कारण देश के 15 करोड़ से ज्यादा आम नागरिकों को नाहक ही सजा भुगतनी पड़ रही है।
डुरोव ने इस पाबंदी को समस्या का गलत इलाज बताया है। उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि सिर्फ एक ऐप को ब्लॉक कर देने से धोखाधड़ी या पेपर लीक जैसे मामलों पर कोई लगाम नहीं लगी है। टेलीग्राम चीफ के मुताबिक, प्रतिबंध लगने के बाद ऐसे गैरकानूनी काम करने वाले गिरोह आसानी से अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो गए हैं।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने हाल ही में टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का सख्त कदम उठाया था। प्रशासन की तरफ से यह कहा गया था कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल एक राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा के उम्मीदवारों को ठगने और उनके साथ धोखाधड़ी करने के लिए किया जा रहा था।
यह अहम मेडिकल प्रवेश परीक्षा पहले से ही देश भर में भारी विवादों के केंद्र में बनी हुई है। पिछले ही महीने इस परीक्षा के पेपर लीक होने के बेहद गंभीर आरोप सामने आए थे। उस बड़े विवाद के बाद मजबूरन लाखों छात्रों के परीक्षा परिणाम को रद्द करना पड़ा था। इसी परीक्षा में हो रही धांधली को रोकने के लिए टेलीग्राम पर कार्रवाई की गई थी, जिस पर अब कंपनी के मुखिया ने भारत सरकार के तरीके पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
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