comScore पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 रद्द, देश भर में छात्रों का भारी हंगामा - Vibes Of India

Gujarat News, Gujarati News, Latest Gujarati News, Gujarat Breaking News, Gujarat Samachar.

Latest Gujarati News, Breaking News in Gujarati, Gujarat Samachar, ગુજરાતી સમાચાર, Gujarati News Live, Gujarati News Channel, Gujarati News Today, National Gujarati News, International Gujarati News, Sports Gujarati News, Exclusive Gujarati News, Coronavirus Gujarati News, Entertainment Gujarati News, Business Gujarati News, Technology Gujarati News, Automobile Gujarati News, Elections 2022 Gujarati News, Viral Social News in Gujarati, Indian Politics News in Gujarati, Gujarati News Headlines, World News In Gujarati, Cricket News In Gujarati

Vibes Of India
Vibes Of India

पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 रद्द, देश भर में छात्रों का भारी हंगामा

| Updated: May 12, 2026 15:33

पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA का बड़ा फैसला, रद्द हुई NEET-UG 2026 परीक्षा। मामले की जांच करेगी CBI, जानें लाखों छात्रों के लिए अब आगे क्या होगा और कब होगी दोबारा परीक्षा।

हाल के वर्षों के सबसे बड़े परीक्षा विवादों में से एक में, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। यह परीक्षा बीते 3 मई को आयोजित की गई थी। प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा की गई जांच रिपोर्ट के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। अब इस परीक्षा के लिए नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।

भारत सरकार द्वारा मंजूर किए गए इस फैसले का सीधा असर देश भर के लाखों मेडिकल छात्रों पर पड़ेगा। इस घोषणा के तुरंत बाद से ही छात्र संगठनों ने अपना विरोध जताना शुरू कर दिया है। दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुख्यालय के पास भी छात्रों का भारी प्रदर्शन देखने को मिला है।

NTA के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और जांच से मिले इनपुट्स से यह साफ हो गया था कि परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता से समझौता हुआ है। ऐसे में इस परीक्षा के परिणामों को मान्य नहीं रखा जा सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब पूरी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है।

एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मई सत्र के लिए चुने गए परीक्षा केंद्र और उम्मीदवारों का पूरा डेटा आगामी परीक्षा के लिए सुरक्षित रहेगा। छात्रों को दोबारा कोई नया पंजीकरण नहीं करना होगा और न ही कोई अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके अलावा, मौजूदा परीक्षा शुल्क भी वापस कर दिया जाएगा।

देश भर में आयोजित होने के बाद किसी प्रवेश परीक्षा का इस तरह रद्द होना बेहद दुर्लभ है, खासकर इसके विशाल पैमाने को देखते हुए। NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। इसी के आधार पर एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और अन्य स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है।

यह घटना परीक्षा से जुड़े उन तमाम विवादों की कड़ी में सबसे नई है, जिन्होंने भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत में पहले भी पेपर लीक, नकल के आरोपों या प्रशासनिक विफलताओं के कारण बड़े पैमाने पर परीक्षाएं रद्द हुई हैं। साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने बड़े पैमाने पर नकल का भंडाफोड़ होने के बाद एआईपीएमटी (AIPMT) को रद्द कर दिया था। इसके बाद वह परीक्षा पूरे देश में दोबारा करवानी पड़ी थी।

इसी तरह, उत्तर प्रदेश सरकार ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 2024 में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा रद्द कर दी थी, जिससे करीब 48 लाख उम्मीदवार प्रभावित हुए थे। इसके अलावा, पेपर से छेड़छाड़ के इनपुट मिलने के बाद केंद्र सरकार ने UGC-NET 2024 परीक्षा को भी आयोजित होने के ठीक एक दिन बाद ही रद्द कर दिया था।

हाल के वर्षों में बिहार और अन्य राज्यों में शिक्षक भर्ती और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाओं को भी लीक के आरोपों के कारण रद्द करना पड़ा है। साल 2018 में सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने के बाद सीबीएसई को भी 10वीं के गणित और 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर दोबारा करवाने पड़े थे।

बार-बार सामने आ रहे इन पेपर लीक विवादों ने छात्र समूहों और विपक्षी दलों को राष्ट्रीय परीक्षण प्रणालियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का मौका दे दिया है। वे लगातार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) ने भी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने सरकार और NTA पर देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक की पवित्रता की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

इन सबके बीच, घबराए हुए छात्रों और उनके माता-पिता के सामने एक बार फिर से अनिश्चितता का संकट खड़ा हो गया है। लाखों छात्रों को अब बढ़ते तनाव और भारी असमंजस के बीच फिर से इस कठिन परीक्षा की तैयारी करनी होगी।

NTA ने सभी उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे संशोधित परीक्षा तिथियों और एडमिट कार्ड से जुड़े अपडेट के लिए केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं से सावधान रहने की भी सख्त चेतावनी दी है।

यह भी पढ़ें-

प्रधानमंत्री की अपील के बाद ज्वैलर्स ने बदली रणनीति: नए सोने की जगह एक्सचेंज ऑफर पर जोर

विजय से पहले राजाजी: जब आज़ाद भारत में पहली बार सामने आया था खंडित जनादेश.

Your email address will not be published. Required fields are marked *