गुजरात के भावनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां कथित तौर पर मेथनॉल मिली हुई ज़हरीली शराब पीने से 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 25 अन्य लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह जानलेवा शराब ‘रॉयल स्टैग’ की बोतलों में पैक करके परोसी गई थी।
इस दुखद घटना की शुरुआत रविवार रात को हुई एक पार्टी से हुई थी। यह जश्न विश्वराज सिंह नामक एक युवक के पुलिस बल में नई-नई भर्ती होने की खुशी में आयोजित किया गया था। इस पार्टी में उनके दोस्त उपेन्द्र सिंह गोहिल और हरपाल सिंह गोहिल भी शामिल हुए थे। इन दोस्तों ने जश्न मनाने के लिए इसे विदेशी शराब (IMFL) समझकर पी लिया था, जो असल में मौत का सामान निकली।
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घोघा तालुका के खरकड़ी गांव के रहने वाले 25 वर्षीय उपेन्द्र सिंह गोहिल ने भावनगर के सर टी अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसी मौत के बाद यह पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। वहीं, पुलिस की नौकरी का जश्न मना रहे विश्वराज सिंह खुद भी भावनगर के अरहम अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
मरने वालों में 40 वर्षीय कार्तिक मकवाना और 50 वर्षीय घनश्याम सिंह जडेजा भी शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों की रोशनी जाने जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। चिकित्सा अधिकारियों ने इन मरीजों में आगे चलकर किडनी से जुड़ी जटिलताओं की भी कड़ी चेतावनी दी है। जांचकर्ताओं को शक है कि जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए इन सभी पीड़ितों ने एक ही बुटलेगर नेटवर्क से यह शराब खरीदी थी।
इस पूरी घटना में मध्य प्रदेश के रहने वाले नरेंद्र यादव नाम के शख्स की भी मौत हो गई है। जांच टीम का मानना है कि नरेंद्र इसी ज़हरीली शराब को बनाने की प्रक्रिया में शामिल था। शुरुआत में पुलिस रिपोर्टिंग में कथित देरी को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी लापरवाही को देखते हुए अब इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) को सौंप दिया गया है।
भावनगर जिले के कलेक्टर मनीष कुमार बंसल ने बुधवार को बताया कि प्रशासन को इस भयानक घटना की जानकारी मंगलवार शाम 6 बजे मिली थी। इसके तुरंत बाद पूरे जिले में प्रभावित लोगों की पहचान का काम शुरू कर दिया गया। वहीं, एसएमसी के एसपी मयूर चावड़ा ने बुधवार शाम को पुष्टि की कि उनकी एजेंसी ने इस केस को अपने हाथ में ले लिया है।
उन्होंने बताया कि यह ज़हरीली शराब भावनगर में ही बनाई और बेची गई थी तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया गया है।
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