अहमदाबाद में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अपने परिवार का भरण-पोषण करने और एक छोटा सा रेस्टोरेंट खोलने का सपना देखने वाली एक 24 वर्षीय छात्रा अब पुलिस की गिरफ्त में है। भावनगर की रहने वाली यह युवती पैसों की तंगी से जूझ रही थी। जल्दी पैसा कमाने की चाहत में उसने गलत रास्ता चुन लिया और वह ड्रग कूरियर बन गई।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को इस संबंध में एक गुप्त सूचना मिली थी। इसी के आधार पर मंगलवार शाम करीब 5:25 बजे वस्त्रापुर झील के पास स्थित होटल लेक पैलेस के कमरा नंबर 205 में छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान युवती को 21.5 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से ड्रग्स के अलावा दो मोबाइल फोन, एक डिजिटल पॉकेट वजन कांटा, 88 खाली ज़िप पाउच और एक बैग भी जब्त किया है।
बरामद की गई मेफेड्रोन की कीमत 64,530 रुपये आंकी गई है। वहीं, जब्त किए गए सभी सामानों का कुल मूल्य 71,230 रुपये बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मौके से मिले वजन तौलने वाले कांटे और खाली पाउच से यह साफ इशारा मिलता है कि इस ड्रग्स को आगे छोटी-छोटी मात्रा में बांटकर बेचने की तैयारी थी।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवती गोटा स्थित एक कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर रही है। कुछ साल पहले उसके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद से वह अपने परिवार की इकलौती कमाने वाली सदस्य है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि पारिवारिक और आर्थिक संकट के कारण वह काफी समय से काम की तलाश में भटक रही थी।
इसी दौरान उसकी मुलाकात एक शख्स से हुई, जो मूल रूप से ध्रांगध्रा का रहने वाला है और फिलहाल ढोलका रोड स्थित बदरखा गांव में रहता है। उस व्यक्ति ने युवती को ड्रग्स की डिलीवरी करने के बदले अच्छे पैसों का लालच दिया। अपना रेस्टोरेंट शुरू करने के लिए पर्याप्त पैसे जुटाने की उम्मीद में छात्रा ने इस अवैध काम के लिए हामी भर दी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह युवती अपना पेइंग गेस्ट (पीजी) छोड़कर पिछले चार दिनों से वस्त्रापुर के इसी होटल में रह रही थी। फिलहाल, उसे ड्रग्स सप्लाई करने वाले मुख्य हैंडलर को वांटेड घोषित कर दिया गया है।
अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि ड्रग्स की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे अहमदाबाद या अन्य जगहों पर किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही युवती के निजी संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। जांच टीम को शक है कि उसके किसी पुरुष मित्र ने ही उसे मेफेड्रोन के बारे में बताया होगा और संभवतः वह खुद भी इसका सेवन करता हो।
हालांकि, छात्रा ने खुद किसी भी तरह का ड्रग्स लेने की बात से साफ इनकार किया है। इस पूरे मामले में डीसीबी पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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