दक्षिण गुजरात में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बुधवार तड़के से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सूरत शहर के कई हिस्से पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। शहर के निचले इलाकों में पानी भर जाने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और खाड़ियां उफान पर हैं। भेड़वाड़ खाड़ी का जलस्तर बढ़ने से किनारे टूट गए हैं, जिससे आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली है। वहीं, सानिया गांव के भी कई हिस्से बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए सूरत महानगर पालिका (एसएमसी) तुरंत हरकत में आ गई है। एसएमसी की टीमों ने खाड़ी के आसपास वाले इलाकों में मेगाफोन के जरिए चेतावनी जारी की है और लोगों से अपना जरूरी सामान लेकर सतर्क रहने की अपील की है। खतरे वाले और निचले इलाकों में रह रहे नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा, जलभराव वाली सड़कों पर हादसों को रोकने के लिए बसों के रूट में भी तत्काल बदलाव किए गए हैं।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दमकल विभाग ने एहतियातन 16 अलग-अलग जगहों पर रेस्क्यू बोट तैनात कर दी हैं। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की चार टीमों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। हालात को देखते हुए फेडरेशन ऑफ सूरत टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (फोस्टा) ने दोपहर में एक एडवाइजरी जारी कर कपड़ा व्यापारियों से काम खत्म होते ही जल्द दुकानें बंद करने का आग्रह किया है।
सूरत के नगर आयुक्त एम. नागराजन ने बताया कि शहर में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है और स्थिति को सामान्य करने के लिए एसएमसी की टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने लोगों से हालात सुधरने तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की अपील की है। सूरत जिले के ग्रामीण इलाकों में भी भारी बारिश का कहर जारी है। पलसाना गांव के कई हिस्से डूब चुके हैं और मिंधोला नदी लबालब बह रही है, जिससे बाढ़ का खतरा और गहरा गया है। ग्रामीण खाड़ियों का जलस्तर बढ़ने से शहर से गुजरने वाले नालों में पानी का दबाव काफी बढ़ गया है।
पड़ोसी इलाकों का भी बुरा हाल है। वापी में दमन गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बुधवार दोपहर तक उकाई बांध में पानी की आवक 41,510 क्यूसेक तक पहुंच गई और जलाशय का जलस्तर 313.34 फीट दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने डांग जिले के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है, जहां प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
इस भीषण जलभराव के बीच कई जगहों पर सफल रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाए गए। नासिक से आ रही एक बस वलसाड के नानापोंढा में बाढ़ के पानी में फंस गई थी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह इस बस में सवार सभी 16 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिनमें छह महिलाएं, सात पुरुष और तीन बच्चे शामिल थे।
इसके अलावा, वलसाड शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में पानी भरने के बाद एनडीआरएफ ने वहां फंसे तीन कर्मचारियों की जान बचाई। वहीं, अबरामा में जलमग्न सड़क पार करने की कोशिश में एक कार फंस गई थी, जिसमें सवार एक व्यक्ति और एक बच्ची को स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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