इस बार का स्वतंत्रता दिवस समारोह एक नए ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, 80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गान किया जाएगा। इस भव्य राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
यह अवसर इसलिए भी बेहद खास हो जाता है क्योंकि इस वर्ष ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 साल पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक दिन पर प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के इस प्रतिष्ठित स्मारक से तिरंगा फहराएंगे और पूरे देश को संबोधित करेंगे।
इस साल के जश्न का मुख्य केंद्र बिंदु ‘युवा शक्ति’ को रखा गया है। यह विशेष थीम वर्ष 2047 तक देश को ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प में भारत की युवा आबादी के महत्वपूर्ण योगदान को प्रमुखता से दर्शाएगी।
इसी बीच, संसद ने हाल ही में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक भी पारित किया है। इस अहम कदम के तहत ‘वंदे मातरम’ के अपमान के खिलाफ कानूनी सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब राष्ट्रीय गीत को भी ठीक राष्ट्रगान के समान ही कानूनी दर्जा और संरक्षण प्राप्त हो गया है।
इस नए कानून को लेकर लोकसभा में एक संक्षिप्त राजनीतिक बहस भी देखने को मिली। द्रमुक (DMK) ने इस विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रीय गीत के जरिए देश को बांटने की कोशिश कर रही है।
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस संशोधन का पुरजोर बचाव किया। सत्ताधारी दल का स्पष्ट कहना है कि यह नया कानून इस बात को सुनिश्चित करेगा कि देश के नागरिक बिना किसी बाधा या डर के ‘वंदे मातरम’ के प्रति अपना पूरा सम्मान प्रकट कर सकें।
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