राजकोट: गुजरात की धरती एक बार फिर देश और दुनिया के लिए निवेश का केंद्र बनकर उभरी है। रविवार को राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ (कच्छ और सौराष्ट्र) के दौरान भारत के दिग्गज उद्योगपतियों ने बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणाएं कीं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के बढ़ते औद्योगिक कद और तकनीकी प्रगति की सराहना की।
इस सम्मेलन का उद्देश्य “विकसित गुजरात से विकसित भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारना है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य नेताओं के साथ 18,000 वर्ग मीटर में फैले विशाल प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया और पांच दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
गौरतलब है कि साल 2003 में पीएम मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘वाइब्रेंट गुजरात’ आज निवेशकों के लिए एक प्रमुख वैश्विक मंच बन चुका है। पिछले दो दशकों में इस समिट ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, बंदरगाहों की तरक्की और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे गुजरात की छवि एक ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में मजबूत हुई है।
रिलायंस का बड़ा दांव: निवेश को बढ़ाकर 7 लाख करोड़ किया
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गुजरात के विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पांच बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने ऐलान किया कि कंपनी अगले पांच वर्षों में राज्य में अपने निवेश को दोगुना करते हुए 7 लाख करोड़ रुपये (₹7 trillion) करेगी। इससे पहले यह राशि 3.5 लाख करोड़ रुपये थी।
अंबानी ने कहा कि यह निवेश न केवल रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेगा, बल्कि जामनगर को दुनिया के ‘ग्रीन एनर्जी हब’ (हरित ऊर्जा केंद्र) के रूप में भी स्थापित करेगा।
रिलायंस की प्रमुख योजनाएं:
- जामनगर में ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम: रिलायंस दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत हरित ऊर्जा तंत्र विकसित करेगी। इसमें सोलर पैनल, ग्रीन हाइड्रोजन, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और एडवांस्ड मैटेरियल्स का निर्माण शामिल है।
- कच्छ में सोलर प्रोजेक्ट: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कच्छ में मल्टी-गीगावाट सौर ऊर्जा परियोजना शुरू की जाएगी।
- AI और डेटा सेंटर: जामनगर में भारत का सबसे बड़ा ‘एआई-रेडी डेटा सेंटर’ स्थापित किया जाएगा। साथ ही, ‘जियो इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ लॉन्च होगा जो भारतीय भाषाओं में एआई सेवाएं प्रदान करेगा।
- सामाजिक विकास: जामनगर में एक विश्वस्तरीय अस्पताल और सौराष्ट्र भर में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
- खेल को बढ़ावा: अहमदाबाद की 2036 ओलंपिक मेजबानी के सपने को साकार करने के लिए रिलायंस राज्य सरकार के साथ काम करेगी। इसके तहत नारनपुरा में वीर सावरकर मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का प्रबंधन भी किया जाएगा।
मुकेश अंबानी ने मौजूदा दशक को “भारत का निर्णायक दशक” बताते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है।
अडानी ग्रुप का मुंद्रा में 1.5 लाख करोड़ का निवेश
अडानी पोर्ट्स और एसईजेड (SEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने भी गुजरात के लिए अपनी योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने मुंद्रा में अगले पांच वर्षों के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये (₹1.5 trillion) के निवेश की घोषणा की।
इस निवेश के जरिए 37 गीगावाट क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी पार्क तैयार किया जाएगा। करण अडानी ने कच्छ को भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा केंद्र बताते हुए कहा कि उनका समूह ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को पूरा करने में अपना पूरा सहयोग देगा।
वेलस्पन और ज्योति सीएनसी भी पीछे नहीं
कॉन्फ्रेंस में अन्य उद्योगपतियों ने भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- ज्योति सीएनसी (Jyoti CNC): चेयरमैन पराक्रमसिंह जडेजा ने अगले पांच सालों में विनिर्माण, रिसर्च (R&D) और कौशल विकास के लिए 100 अरब रुपये (₹100 billion) के निवेश का वादा किया। कंपनी एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए आधुनिक मशीनरी बनाएगी, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
- वेलस्पन ग्रुप (Welspun Group): चेयरमैन बी.के. गोयनका ने 50 अरब रुपये (₹50 billion) के निवेश का ऐलान किया। इसके तहत गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा पाइपलाइन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाया जाएगा। उन्होंने कच्छ के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि कभी पानी की कमी से जूझने वाला यह क्षेत्र आज औद्योगिक शक्ति बन गया है।
आम आदमी के लिए ‘जियो एआई’
मुकेश अंबानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि जियो का नया एआई प्लेटफॉर्म क्षेत्रीय भाषाओं में सेवाएं देगा, जिसकी शुरुआत गुजरात से होगी। इसका मकसद हर नागरिक को उनके अपने डिवाइस पर और अपनी भाषा में किफायती एआई तकनीक उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी उत्पादकता बढ़ सके।
इन ऐतिहासिक घोषणाओं से यह साफ है कि गुजरात अब केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स और हेल्थकेयर के क्षेत्र में भी देश का ग्रोथ इंजन बनने की राह पर तेजी से दौड़ रहा है।
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