आजकल मैट्रीमोनियल साइट्स पर जीवनसाथी तलाशना एक आम बात हो गई है, लेकिन कई बार यह तलाश एक भयानक सपने में बदल जाती है। गुजरात के गांधीनगर से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) की एक 36 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर को शादी का झांसा देकर 13.4 लाख रुपये का चूना लगाया गया है। गांधीनगर साइबर सेल ने इस मामले में बेंगलुरु के एक शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
ठगी की यह कहानी करीब एक साल पहले शुरू हुई थी। शिकायत के अनुसार, पीड़िता एक मैट्रीमोनियल वेबसाइट के जरिए इस आरोपी के संपर्क में आई थी। हालांकि, शुरुआत में कुछ बातचीत के बाद महिला ने उससे संपर्क तोड़ दिया था। लेकिन इसी साल मई के महीने में इस शख्स ने व्हाट्सएप के जरिए दोबारा प्रोफेसर से संपर्क साधा और अपनी मीठी बातों से धीरे-धीरे उनका पूरा भरोसा जीत लिया।
रिश्ता गहरा होने के बाद, दोनों 9 मई को राजस्थान के नाथद्वारा घूमने गए। इस ट्रिप के दौरान प्रोफेसर की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद वे वापस गांधीनगर लौट आए। यहां आरोपी ने बेहद चालाकी से महिला को बैरिएट्रिक सर्जरी कराने के लिए मना लिया। वह न केवल उन्हें एक निजी अस्पताल में डॉक्टर से मिलवाने ले गया, बल्कि उन्हें वहां भर्ती भी करवाया। इसी दौरान उसने महिला का विश्वास जीतकर उनके मोबाइल और नेटबैंकिंग के पासवर्ड हासिल कर लिए।
पुलिस के मुताबिक, 15 मई को प्रोफेसर के ऑपरेशन थियेटर में जाने से ठीक पहले, आरोपी ने उनके बैंकिंग ऐप के जरिए 18.15 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बनवाने में मदद की। सर्जरी के बाद जब महिला अस्पताल में ठीक हो रही थी, तब आरोपी ने उनका मोबाइल अपने पास ही रखा। उसने बिना बताए फोन में अपना फिंगरप्रिंट रजिस्टर कर लिया और फिर समय से पहले ही उस एफडी को तोड़ दिया।
आरोपी ने शक से बचने के लिए सर्जरी और दवाओं के बिल के रूप में करीब 6 लाख रुपये का भुगतान किया। लेकिन इसके तुरंत बाद 17 और 18 मई को उसने चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 12 लाख रुपये अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए।
एफआईआर के अनुसार ठगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। 31 मई को आरोपी फिर से प्रोफेसर से मिलने आया और उनके फोन का इस्तेमाल करके बैंक खाते से 50,000 रुपये और उड़ा लिए। इसके अलावा, उसने 1 जून और 7 जून को महिला के क्रेडिट कार्ड से भी 87,402 रुपये का अनधिकृत लेनदेन किया।
इस भारी-भरकम धोखे का खुलासा तब हुआ जब प्रोफेसर ने अपना बैंक अकाउंट चेक किया। ठगी का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत 11 जून को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मामले की शिकायत दर्ज कराई और बाद में गांधीनगर साइबर सेल का दरवाजा खटखटाया। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, पहचान की चोरी और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है।
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