राजधानी दिल्ली के लुटियंस इलाके में सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने बुधवार को 16 प्रमुख स्टेशनों के दरवाजे आम यात्रियों के लिए बंद कर दिए हैं। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र प्रदर्शन से उपजे तनाव के कारण यह कदम उठाया गया है।
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रंका ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगें जल्द पूरी नहीं कीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें न मानने की सूरत में लाखों लोग दिल्ली का रुख करेंगे और इस बार कोई भी चुप बैठने वाला नहीं है।

इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य प्रमुख नेताओं की पुलिस हिरासत के विरोध में देशभर में गुस्सा फूट पड़ा। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और झारखंड समेत कई राज्यों में विपक्षी कार्यकर्ताओं और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया।

मंगलवार को राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी, दो मुख्यमंत्रियों और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ प्रधानमंत्री के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास के बाहर पहुंचे थे। वे सोमवार को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे थे, जिसके तीन घंटे बाद पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया और बाद में रिहा कर दिया।
बढ़ते सियासी पारे के बीच केंद्र सरकार ने भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से संपर्क साधा है। मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने मंगलवार शाम मुलाकात कर उनसे बातचीत की।
उधर, सरकारी सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि केंद्र सरकार संसद में नीट, सीयूईटी और जेईई मेन जैसी परीक्षाओं की गड़बड़ियों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को सरकार ने राजनीतिक करार देते हुए इसे मानने से साफ इनकार कर दिया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे छात्रों की समस्याओं का समाधान खोजने के बजाय राजनीतिक सुर्खियां बटोरने में लगे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सदन के पटल पर युवाओं की हर वाजिब चिंता पर सकारात्मक चर्चा के लिए प्रतिबद्ध है।
बुधवार को संसद परिसर में भी इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त गहमागहमी देखने को मिली, जहां विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर मकर द्वार पर जमा हुए। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाए जाने के बाद उच्च सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।
विपक्षी दलों के इस आक्रामक रुख के जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने भी देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्षी नेताओं का यह रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों पर हुए हमले और हिंसा के मामलों में अब तक 11 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिन 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद किया गया है, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखम्बा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और मुंबई सहित देश के प्रमुख शहरों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्षी दल सोमवार को छात्रों पर हुए बल प्रयोग और शीर्ष नेताओं के साथ किए गए व्यवहार को लेकर सरकार को घेरने में जुटे हैं।
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