सोमवार तड़के अहमदाबाद के शेला इलाके में स्थित सेरेनडीप मेंशन के पास एक तेंदुए के देखे जाने से हड़कंप मच गया था। अभी लोग इस दहशत से उबरे भी नहीं थे कि मंगलवार को चांदखेड़ा की सड़कों पर भी इस जंगली जानवर के टहलने की खबरें सामने आने लगीं।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई जिसमें एक तेंदुआ चांदखेड़ा की सड़क पार करता हुआ नजर आ रहा था। एक स्थानीय कैफे के मालिक ने यह तस्वीर खुद खींचने का दावा किया था। हालांकि, बाद में वन विभाग के अधिकारियों ने इस दावे पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें वहां तेंदुए की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं मिला है।
चांदखेड़ा में तेंदुए के देखे जाने की इस कथित घटना को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक जयपाल सिंह ने भी बयान दिया। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम ने तस्वीर वाली जगह की बारीकी से जांच की है, लेकिन दिन के उजाले में वह जगह वायरल तस्वीर वाले इलाके से बिल्कुल अलग नजर आ रही थी।
इधर, शेला में तेंदुए की मौजूदगी के खौफ का सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। मंगलवार को सेरेनडीप मेंशन के आसपास सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों की संख्या में भारी कमी देखी गई। इतना ही नहीं, इलाके के एक मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों की भीड़ भी अचानक कम हो गई।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग और अहमदाबाद चिड़ियाघर प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इलाके में चार पिंजरे लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक जानवर को पकड़ने में कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। शेला मामले पर जयपाल सिंह ने पुष्टि की है कि वहां भी अब तक तेंदुए का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, शेला में इस खूंखार जानवर को खोजने के लिए थर्मल ड्रोन और 22 सदस्यों की एक विशेष टीम को मैदान में उतारा गया है। गांधीनगर के उप वन संरक्षक रविराजसिंह राठौड़ ने बताया कि इलाके में तेंदुए के पगमार्क (पैरों के निशान) नहीं मिले हैं। इसके बावजूद, एहतियात के तौर पर उनकी टीम वहीं मुस्तैद है और किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती।
इस पूरी घटना ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है। सेरेनडीप मेंशन के निवासी गौरांग शाह के मुताबिक मंगलवार दिन में तो हालात सामान्य लगे, लेकिन अंधेरा घिरते ही लोग बेहद सतर्क हो गए। इलाके के एक अन्य निवासी दर्शन पटेल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह अक्सर सुबह टहलते हुए मंदिर जाते हैं, लेकिन डर के मारे मंगलवार को उन्होंने पैदल जाने के बजाय अपनी कार का इस्तेमाल किया।
शाम ढलने के बाद पूरे इलाके में गिने-चुने दोपहिया वाहन ही नजर आ रहे हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने स्थानीय निवासियों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें तेंदुए के नजर आने पर लोगों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई है।
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