केन्या के पूर्व राष्ट्रपति की बेटी के आँखों की रोशनी भारत में आयुर्वेद के इलाज से लौटी : पीएम मोदी

| Updated: April 20, 2022 1:27 pm

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में आयुष क्षेत्र 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ करता था, जो अब बढ़कर 18 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हो गया है. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग और पारंपरिक चिकित्सा ने दुनिया में अपनी जगह बनाई है. दुनिया भर में लोग अब पारंपरिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहे हैं. अब निवारक दवा की ओर बढ़ने का समय है.

  • कोरोना ने आयुर्वेद को नई ऊंचाई दी – मोदी
  • प्रधानमंत्री मोदी ने किया आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट का उद्घाटन करते हुए कहा कि , यह पहली बार है जब आयुष क्षेत्र के लिए निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. मैंने इसके बारे में उस समय सोचा था जब COVID19 का प्रकोप शुरू हुआ था. इस दौरान ‘आयुष काढ़ा’ और इसी तरह के अन्य आयुर्वेद के उत्पादों ने लोगों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद की है. इस साल अब तक 14 स्टार्टअप यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो चुके हैं. मुझे विश्वास है कि जल्द ही आयुष के क्षेत्र में यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप्स उभरेंगे.

गांधीनगर में महात्मा मंदिर में वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने भाषण में आयुर्वेद के वैश्विक प्रभाव और भारत के 1000 साल के इतिहास पर चर्चा की। तुलसीभाई के नाम पर टेड्रोस अदनम घेब्रायियस का नाम गुजराती रखा गया। प्रधानमंत्री ने आयुर्वेद को अगले 25 वर्षों के लिए भारत का स्वर्ण युग बताया।

भारत, जिसे चिकित्सा पर्यटन के रूप में जाना जाता है, पर प्रधान मंत्री ने कहा कि यदि विदेशी नागरिक भारत आना चाहते हैं और आयुष उपचार का लाभ उठाना चाहते हैं, तो भारत आयुष वीजा श्रेणी शुरू करने जा रहा है, जिससे लोगों के लिए आयुष उपचार के लिए भारत की यात्रा करना आसान हो जाएगा। .
मोदी ने बताया कि मेरे दोस्त ने केन्या के पूर्व राष्ट्रपति रैला होडिंगो की बेटी के बारे में बात की कि उनकी बेटी ने रोजमेरी के आँखों की रौशनी चली गयी थी , दु दुनिया के कई देश में गए लेकिन आंखें वापस नहीं आईं और बाद में वह भारत आये जहा आयुर्वेदिक इलाज से उनकी आँख की रौशनी वापस आयी ।

2014 में आयुष क्षेत्र 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में आयुष क्षेत्र 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ करता था, जो अब बढ़कर 18 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हो गया है.
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग और पारंपरिक चिकित्सा ने दुनिया में अपनी जगह बनाई है. दुनिया भर में लोग अब पारंपरिक चिकित्सा की ओर बढ़ रहे हैं. अब निवारक दवा की ओर बढ़ने का समय है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ टेड्रोस घेब्येयियस का नया नाम तुलसी भाई

प्रधानमंत्री ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ टेड्रोस घेब्येयियस का नामकरण “तुलसी भाई ” किया ,प्रधानमंत्री ने उनके अपने सम्बन्धो को उजागर करते हुए कहा की वह मुझे अक्सर कहते थे की मेरा गुजराती नाम रख दो ,आज भी उन्होंने मंच पर कहा की मेरा गुजराती नाम सोचा या नहीं ,इसलिए मई आज अपने परम मित्र का नाम तुलसी भाई रख रहा हूँ, तुलसी वह पौधा है जिसका इस्तेमाल स्वास्थ्यवर्धक औषधी के तौर पर होता है , सदियों से उसकी पूजा होती है। पीएम मोदी ने इस दौरान डॉ टेड्रोस घेब्येयियस के भारत प्रेम को उजागर करते हुए कहा की वह मुझसे कहते हैं की आज मै जो कुछ भी हु ,वह भारत की वजह से हु क्योकि मेरे शिक्षक भारत के थे , इसलिए भारत से मेरा खास लगाव है।

भारत विश्व का औषधालय है -प्रविंद कुमार जगन्ना

गांधीनगर में मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ ने कहा कि भारत विश्व का औषधालय है. हम कोविड महामारी के दौरान आयुर्वेदिक दवाएं भेजने के लिए भारत के आभारी हैं. मॉरीशस में, आयुष की प्रथा लोकप्रिय है, हमने इस धारणा को अपनाया है कि पारंपरिक दवाएं आधुनिक दवाओं की पूरक हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के अंतिम दिन गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट ( का उद्घाटन किया. इस मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ टेड्रोस घेब्येयियस, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और भारत के आयुष ​मंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी मौजूद रहे. वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन में गुजराती में बोलते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने कहा, ‘मैं महात्मा गांधी की भूमि पर आकर खुद को सौभाग्यशाली मान रहा हूं.’

यह शिखर सम्मेलन 3 दिन तक चलेगा

शिखर सम्मेलन 3 दिन तक चलेगा. शिखर सम्मेलन में लगभग 90 प्रख्यात वक्ताओं और 100 प्रदर्शकों की उपस्थिति के साथ पांच पूर्ण सत्र, 8 गोलमेज सम्मेलन, 6 कार्यशालाएं और 2 संगोष्ठियां होंगी. शिखर सम्मेलन निवेश क्षमता को उजागर करने में मदद करेगा. यह आयुर्वेद नवाचार, अनुसंधान और विकास, स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र और कल्याण उद्योग को बढ़ावा देगा
. यह उद्योग जगत के नेताओं, शिक्षाविदों और विद्वानों को एक साथ लाने में मदद करेगा और भविष्य के सहयोग के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा.सम्मेलन के दौरान परंपरागत चिकित्सा व्यवस्था को बढ़ावा देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इस सम्मेलन का उद्देश्य बेहतर निवेश आकर्षित कर देश को ग्लोबल आयुष केंद्र बनाना है.

दाहोद में आदिवासी सम्मलेन को करेंगे सम्बोधित

अलावा आज दोपहर 3:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी बाहुल्य दाहोद में करीब 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. पीएम मोदी दाहोद में एक आदिवासी सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. इस आदिजाति महा सम्मेलन में 2 लाख से अधिक लोगों के भाग लेने की उम्मीद है. भाजपा ने इसके लिए जोरदार तैयारियां की हैं.

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